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भारत में मौजूदा समय में कई खिलाड़ी हैं, जो भारतीय टीम में जगह पाने के इंतजार में है. लेकिन सभी खिलाड़ियों को जगह मिलना संभव नहीं है. कई बार ऐसा हुआ कि किसी दूसरे क्रिकेटर की वजह से किसी और क्रिकेटर का कैरियर बर्बाद हो गया. ऐसा ही कुछ संजू सैमसन के साथ भी हो सकता है. संजू सैमसन को कई सालों बाद भारतीय टीम में शामिल किया गया. लेकिन उन्हें एक भी मैच में नहीं खिलाया गया.


संजू सैमसन भारतीय टीम में अपनी जगह पक्की करने के लिए मौके की तलाश में है. वहीं दूसरी तरफ ऋषभ पंत लगातार खराब प्रदर्शन के बावजूद बार-बार टीम में जगह बनाने में कामयाब हो रहे हैं. पिछले कुछ मैचों में ऋषभ पंत का प्रदर्शन बहुत ही निराशाजनक रहा है. फिर भी यह समझ नहीं आता कि आखिर ऋषभ पंत को क्यों भारतीय टीम में जगह दी जा रही है.

सैमसन को किया जा रहा है नजरअंदाज 


सितंबर से लेकर अब तक ऋषभ पंत ने कुल 8 मैच खेले हैं जिसमें उन्होंने केवल 107 रन बनाए हैं. ऋषभ पंत दक्षिण अफ्रीका, बांग्लादेश और वेस्टइंडीज के विरुद्ध सीरीज का हिस्सा थे. इस दौरान ना तो वह बल्ले से कमाल दिखा पाए और उनकी विकेटकीपिंग में भी काफी खामियां देखने को मिली, जिस वजह से उनकी काफी आलोचना हुई. ऋषभ पंत के ऐसे प्रदर्शन के बावजूद संजू सैमसन को एक भी मौका नहीं दिया जा रहा है.


अगर ऐसा ही चलता रहा तो संजू सैमसन का करियर खतरे में पड़ जाएगा. संजू सैमसन को कम से कम एक मौका तो मिलना चाहिए, ताकि वह खुद को साबित कर सकें. संजू सैमसन ने विजय हजारे ट्रॉफी में केरल के लिए खेलते हुए एक मैच में दोहरा शतक लगाया था जिसके बाद से उनको भारतीय टीम में जगह देने की मांग उठने लगी. कांग्रेस नेता शशि थरूर ने भी संजू सैमसन को लेकर आवाज उठाई.

भारतीय टीम के चाइनामैन गेंदबाज कुलदीप यादव की फिरकी में बड़े-बड़े बल्लेबाज फंस जाते हैं. आज कुलदीप यादव अपना 25वां जन्मदिन मना रहे हैं. कुलदीप यादव ने महज 19 साल की उम्र में हैट्रिक लेकर तहलका मचा दिया था. कुलदीप यादव क्रिकेट के तीनों फॉर्मेट में 5 विकेट हासिल करने का कारनामा भी कर चुके हैं, जो अब तक कोई भी भारतीय स्पिनर नहीं कर पाया है.


कुलदीप यादव का जन्म 14 दिसंबर 1994 को कानपुर में हुआ था. कुलदीप यादव के अंडर-19 विश्व कप में बेहतरीन प्रदर्शन को देखते हुए भारतीय टीम में जगह दी गई थी. कुलदीप यादव ने 2017 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू किया और देखते ही देखते वह तीनों फॉर्मेट में भारतीय टीम का हिस्सा बन गए.

कुलदीप के नाम 2 हैट्रिक 


कुलदीप यादव अब तक दो बार हैट्रिक ले चुके हैं. कुलदीप यादव ने 2014 के अंडर-19 विश्व कप के दौरान स्कॉटलैंड के विरुद्ध मैच में हैट्रिक ली थी. जबकि उन्होंने एक बार भारतीय टीम की तरफ से खेलते हुए वनडे क्रिकेट में हैट्रिक ली है.

कुलदीप के नाम दर्ज है अनोखा रिकॉर्ड 


कुलदीप यादव क्रिकेट के तीनों फॉर्मेट में 5 विकेट लेने वाले भारत के दूसरे गेंदबाज और एकमात्र स्पिनर हैं. भुवनेश्वर कुमार भी तीनों फॉर्मेट में 5 विकेट हासिल करने का रिकॉर्ड बना चुके हैं. वहीं दक्षिण अफ्रीका के इमरान ताहिर और श्रीलंका के अजंता मेंडिस ने भी क्रिकेट के तीनों फॉर्मेट में 5 विकेट लेने का रिकॉर्ड बनाया है. कुलदीप यादव ऐसा कारनामा करने वाले विश्व के तीसरे गेंदबाज हैं.

भारतीय टीम वेस्टइंडीज को टी-20 सीरीज में 2-1 से हराने के बाद अब वनडे सीरीज की तैयारियों में जुट गई है. 15 दिसंबर को वनडे सीरीज का पहला मुकाबला चेन्नई के पीआर चिदंबरम स्टेडियम में खेला जाएगा. मैच से पहले भारतीय टीम के तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार चोटिल हो गए और वह सीरीज से बाहर हो गए. चयनकर्ताओं ने भुवनेश्वर कुमार की जगह वनडे सीरीज के लिए भारतीय टीम में शार्दुल ठाकुर को शामिल कर लिया है.


शार्दुल ठाकुर भारतीय टीम के लिए अब तक पांच वनडे मैच खेल चुके हैं. वहीं चोटिल शिखर धवन की जगह वनडे सीरीज के लिए टीम में मयंक अग्रवाल को शामिल किया गया है, जिनके वनडे क्रिकेट में डेब्यू करने की पूरी संभावना है. हालांकि ऐसा भी हो सकता है कि रोहित शर्मा के साथ ओपनिंग करने की जिम्मेदारी केएल राहुल को दी जा सकती है.


बीसीसीआई ने शनिवार को ट्वीट करके इस बात की जानकारी दी कि भुवनेश्वर कुमार में हर्निया के लक्षण फिर से उभरने लगे हैं. बीसीसीआई ने बताया कि अब एक विशेषज्ञ की राय ली जाएगी और उसके बाद ही फैसला किया जाएगा. भुवनेश्वर कुमार का चोटिल होना भारतीय टीम के लिए दूसरा झटका है, क्योंकि शिखर धवन पहले से ही चोटिल चल रहे हैं.


शिवम और मयंक को वनडे डेब्यू का इंतजार 

शिवम दुबे और मयंक अग्रवाल को वनडे टीम में शामिल किया गया है. दोनों ही खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय वनडे क्रिकेट में डेब्यू का इंतजार कर रहे हैं. शिवम दुबे ने हाल ही में वेस्टइंडीज के विरुद्ध दूसरे T-20 मैच में नंबर 3 पर आकर शानदार बल्लेबाजी की थी. इसी वजह से उन्हें वनडे टीम में भी जगह मिली है.

भारत की वनडे टीम

विराट कोहली  (कप्तान), रोहित शर्मा  (उपकप्तान), मयं‌क अग्रवाल, केएल राहुल, श्रेयस अय्यर, मनीष पांडे, ऋषभ पंत  (विकेटकीपर), शिवम दुबे, केदार जाधव, रवीन्द्र जडेजा, युजवेंद्र चहल, कुलदीप यादव, दीपक चाहर, मोहम्मद शमी, शार्दुल ठाकुर.

ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की टीमें पर्थ में टेस्ट सीरीज का पहला मुकाबला खेलने में व्यस्त हैं. पहले मैच के शुरुआती 2 दिनों में दोनों टीमों के 2 बड़े खिलाड़ी चोटिल हो गए हैं और मैच से बाहर हो गए. न्यूजीलैंड की टीम को दूसरे दिन उस समय झटका लगा, जब उनके तेज गेंदबाज लोकी फर्ग्यूसन चोटिल हो गए.


वहीं ऑस्ट्रेलिया की टीम के लिए तीसरे दिन बुरी खबर आई कि उनके तेज गेंदबाज जोश हेजलवुड चोटिल होने की वजह से मैच से बाहर हो गए. ऑस्ट्रेलिया की टीम मैच में मजबूत परिस्थिति में है. ऑस्ट्रेलिया की तरफ से पहली पारी में मार्नस लाबुशाने ने शतक लगाया. वहीं गेंदबाजी में मिशेल स्टार्क ने जबरदस्त प्रदर्शन किया और न्यूजीलैंड की टीम 166 रन पर ही धराशाई हो गई.

2 दिन में चोटिल हुए दो गेंदबाज 


पर्थ टेस्ट के पहले दिन न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाज लोकी फर्ग्यूसन चोटिल हो गए, जिस वजह से वह दूसरे दिन गेंदबाज़ी करने नहीं आए. लोकी फर्ग्यूसन ने पहले दिन केवल 11 ओवर गेंदबाजी की. उनके दाएं काफ की मांसपेशियों में खिंचाव है. वहीं मैच के तीसरे दिन ऑस्ट्रेलियाई टीम के गेंदबाज जोश हेजलवुड चोटिल होकर मैदान से बाहर चले गए. वह दूसरे दिन केवल 8 गेंद फेंक पाए थे. ऐसी खबर है कि अब जोश हेजलवुड आगामी मैचों में भी नहीं खेल पाएंगे.


ऑस्ट्रेलियाई टीम ने पहली पारी के आधार पर न्यूजीलैंड के ऊपर 250 रनों की बढ़त बना ली है. हालांकि अभी भी न्यूजीलैंड की टीम के पास मैच में वापसी करने का मौका है. तेज गेंदबाज मिशेल स्टार्क ने 92 रन देकर 5 अहम विकेट हासिल किए. नाथन लियोन ने 2 जबकि हेजलवुड और पैट कमिंस ने एक-एक विकेट चटकाए.

विराट कोहली और रोहित शर्मा भारतीय टीम के 2 बेहतरीन बल्लेबाजों में से एक हैं. जब यह दोनों खिलाड़ी मैदान पर फॉर्म में होते हैं तो विपक्षी टीमों के गेंदबाजों के लिए मुसीबत बन जाते हैं. वेस्टइंडीज के विरुद्ध तीसरे T-20 मैच में दोनों खिलाड़ियों का बल्ला जमकर चला. इन दोनों ही खिलाड़ियों ने ताबड़तोड़ बल्लेबाजी की और विपक्षी टीम के गेंदबाजों के होश उड़ा दिए.


मौजूदा समय में दोनों ही बल्लेबाज अंतरराष्ट्रीय टी-20 में रन बनाने के मामले में एक दूसरे की बराबरी पर हैं. पिछले काफी समय से इन दोनों खिलाड़ियों के बीच टी-20 में रन बनाने को लेकर अनोखी जंग चल रही है. रोहित शर्मा और विराट कोहली रन बनाने के मामले में भले ही बराबरी पर हों. लेकिन कुछ मामलों में विराट कोहली रोहित से आगे हैं तो वहीं कुछ मामलों में रोहित विराट पर हावी नजर आते हैं.


रोहित शर्मा के अंतरराष्ट्रीय T-20 में 2633 रन है, जबकि विराट कोहली के 2633 रन है. हालांकि विराट कोहली ने 70 पारियों में यह कारनामा किया है, जबकि रोहित शर्मा ने 96 पारियों में इतने रन बनाए हैं. अगर अंतरराष्ट्रीय टी-20 में शतकों की बात करें तो रोहित इस मामले में विराट से कई गुना आगे हैं. रोहित अब तक चार T-20 शतक लगा चुके हैं जबकि विराट एक भी शतक नहीं लगा सके हैं.


वहीं अर्धशतकों के मामले में विराट कोहली रोहित शर्मा से आगे हैं. विराट कोहली ने 24 अर्धशतक लगाए हैं तो रोहित शर्मा ने केवल 19 ही अर्धशतक लगाए हैं. T-20 में सबसे ज्यादा छक्के लगाने के मामले में रोहित विराट से आगे हैं. रोहित ने 120 छक्के लगाए हैं जबकि विराट कोहली ने 71 छक्के लगाए हैं.

मुंबई की टीम ने बड़ौदा को 309 रनों से करारी शिकस्त देकर रणजी ट्रॉफी में जीत के साथ आगाज किया है. रिलायंस स्टेडियम में खेले जा रहे इस मैच के अंतिम दिन गुरुवार को मैदान पर कुछ ऐसा देखने को मिला जो सबके लिए हैरान करने वाला था. इस मैच में दो भारतीय खिलाड़ी आपस में भिड़ गए और एक-दूसरे से बहस करने लगे. फिर साथी खिलाड़ियों ने बीच-बचाव करवाया.


बड़ौदा की दूसरी पारी के दौरान अनुभवी बल्लेबाज यूसुफ पठान जब आउट हो गए तो वह अजिंक्य रहाणे के साथ भिड़ गए.दोनों के बीच मैदान पर काफी देर बहस होती रही. इसके बाद मुंबई के खिलाड़ियों और अंपायर ने उन्हें अलग किया. यह घटना बड़ौदा की पारी के 48वें ओवर के दौरान की है. जब अंपायर ने यूसुफ पठान को कैच आउट दिया. लेकिन यूसुफ पठान अंपायर के निर्णय से सहमत नहीं थे और वह क्रीज पर ही खड़े रहे.


यूसुफ पठान क्रीज छोड़कर नहीं जाना चाहते थे. तभी अजिंक्य रहाणे उनके पास पहुंचे और उनसे बात करने लगे. दोनों खिलाड़ियों के बीच काफी देर तक बहस होती रही. इसके बाद मुंबई के खिलाड़ी अजिंक्य रहाणे को यूसुफ पठान से दूर ले गए और फिर यूसुफ पठान पवेलियन लौट गए. हालांकि यूसुफ पठान पवेलियन लौटते हुए काफी नाराज दिख रहे थे.


मुंबई की टीम ने बड़ौदा के विरुद्ध जीत हासिल करने के बाद 6 अंक प्राप्त कर लिए हैं. जबकि बड़ौदा की टीम को एक भी अंक नहीं मिला है. मुंबई और बड़ौदा के अलावा रणजी ट्रॉफी में कर्नाटक और तमिलनाडु के बीच भी दिलचस्प मुकाबला देखने को मिला. कर्नाटक ने तमिलनाडु को 26 रनों से शिकस्त दी.

भारतीय टीम के ओपनर बल्लेबाज रोहित शर्मा की आज शादी की चौथी सालगिरह है. रोहित और रितिका ने शादी से पहले कई सालों तक एक-दूसरे को डेट किया और 13 दिसंबर 2015 को दोनों शादी के बंधन में बंध गए. रोहित शर्मा और रितिका की शादी में कई बड़ी हस्तियां शामिल हुई. दोनों की प्रेम कहानी बहुत ही दिलचस्प है.


रोहित शर्मा और रितिका ने शादी से पहले 6 सालों तक एक-दूसरे को डेट किया था. रितिका स्पोर्ट्स और इवेंट मैनेजमेंट कंपनी में मैनेजर भी रह चुकी हैं. तभी से दोनों के बीच दोस्ती शुरू हुई. रोहित और रितिका की मुलाकात पूर्व ऑलराउंडर खिलाड़ी युवराज सिंह के जरिए हुई थी. रोहित पहली ही मुलाकात में रितिका के दीवाने हो गए.


रोहित ने रितिका को बीच स्टेडियम में सबके सामने प्रपोज किया था. रोहित ने उसी स्टेडियम में रितिका को प्रपोज किया, जहां उन्होंने क्रिकेट खेलना सीखा था. रोहित और रितिका के रिश्ते की खबरें जब सामने आई तो सब हैरान रह गए. रितिका एक्टर सोहेल खान की वाइफ सीमा सचदेव खान की बहन हैं. इस लिहाज से रितिका सोहेल खान की साली और रोहित शर्मा उनके साढू भाई हैं.


फैमिली फंक्शन में अक्सर पूरा परिवार एक साथ नजर आ जाता है. रोहित और रितिका सोशल मीडिया पर भी काफी सक्रिय रहते हैं और अक्सर अपनी तस्वीरें भी शेयर करते रहते हैं. रितिका की फैन फॉलोइंग भी सोशल मीडिया पर बहुत ज्यादा है. रोहित और रितिका की एक बेटी भी है, जिसका नाम समायरा है.

सौरव गांगुली बीसीसीआई के नए अध्यक्ष बने हैं और यह पूरा कार्यक्रम बेहद नाटकीय रहा. शुरुआत में बृजेश पटेल बीसीसीआई अध्यक्ष बनने की दौड़ में सबसे आगे थे. लेकिन अंतिम समय में सौरव गांगुली का नाम सामने आया और वह बीसीसीआई के अध्यक्ष बन गए. सौरव गांगुली के बीसीसीआई अध्यक्ष बनने को लेकर एक शख्स ने बड़ा खुलासा किया है.


समिति के सुधारों की वजह से ही मिला अध्यक्ष पद 

सौरव गांगुली की अगुवाई में बीसीसीआई की नजर सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त लोढ़ा समिति की सिफारिशों को बदलने पर है. हालांकि लोढ़ा समिति के अध्यक्ष जस्टिस आरएम लोढ़ा ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया. साथ ही उन्होंने सौरव गांगुली के बीसीसीआई अध्यक्ष बनने में समिति की भी अहम भूमिका बताई.


जस्टिस लोढ़ा ने कहा- यह काफी दुर्भाग्यपूर्ण है. मैंने सोचा एक क्रिकेटर इस बात को जरूर समझेगा कि इस पद पर उनकी मौजूदगी भी समिति के सुधारों की वजह से ही है. जस्टिस लोढ़ा ने कहा- अगर पुराना सिस्टम जारी रहता तो शायद कोई भी क्रिकेटर बीसीसीआई का अध्यक्ष बनने के बारे में सपने में भी नहीं सोच सकता था.


क्रिकेट प्रशासन में जिस तरह की राजनीति चल रही थी, मुझे नहीं लगता कि कोई भी खिलाड़ी इस पद पर पहुंचने में कामयाब हो सकता था. लेकिन यह सब हमारे सुधारों की वजह से ही संभव हो पाया. सौरव गांगुली बीसीसीआई में एक से ज्यादा पद नहीं संभाल सकते, क्योंकि भारतीय क्रिकेट में हितों के टकराव का मुद्दा बहुत अहम है.

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