भारतीय टीम के कप्तान विराट कोहली T-20 सीरीज से आराम लेने के बाद अब बांग्लादेश के विरुद्ध 14 नवंबर से शुरू हो रही टेस्ट मैच से मैदान पर वापसी करने वाली हैं. यह मुकाबला इंदौर के होल्कर स्टेडियम में खेला जाएगा. लेकिन इसमें से पहले ही क्रिकेट की दुनिया में एक मुद्दा बहुत चर्चा में आ गया है. ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज ग्लेन मैक्सवेल ने मानसिक समस्या के चलते क्रिकेट से कुछ समय के लिए आराम लिया है, जिसके बाद ऐसे कुछ और मामले भी सामने आए हैं.


भारतीय कप्तान विराट कोहली ने भी इस संवेदनशील मुद्दे पर अपनी राय रखी. विराट कोहली ने कहा कि अगर ऐसी परिस्थिति आती है तो भारतीय खिलाड़ियों को इस बारे में फैसला लेना चाहिए. विराट ने कहा- मुझे लगता है कि इन चीजों की अपनी अहमियत है, क्योंकि अगर आपको लगता है कि भारतीय टीम या भारतीय क्रिकेट के लिए कोई खिलाड़ी महत्वपूर्ण है तो उसका ध्यान रखना ही चाहिए. उन्होंने इस दौरान एक वाक्ये को भी शेयर किया.


मुझे लगा मेरी दुनिया ही खत्म हो गई 

विराट ने कहा- साल 2014 में इंग्लैंड दौरे पर मैं भी ऐसे हालात से गुजर चुका हूं. मैंने ऐसा महसूस किया, जैसे मेरी दुनिया ही खत्म हो गई. मुझे पता नहीं था कि मुझे क्या करना चाहिए. किससे बात करनी चाहिए. ईमानदारी से कहूं तो मैं यह नहीं कह पाया कि मैं मानसिक रूप से अच्छा महसूस नहीं कर रहा हूं और मैं इस खेल से दूर जाना चाहता हूं, क्योंकि आप नहीं जानते कि यह बात आपसे क्या छीन लेगी.


बता दें कि इंग्लैंड दौरे पर विराट ने उस समय पांच टेस्ट मैचों की सीरीज में केवल 134 रन ही बनाए थे. विराट ने ग्लेन मैक्सवेल का समर्थन करते हुए कहा कि उन्होंने बहुत ही सराहनीय काम किया है. उन्होंने अच्छा उदाहरण पेश किया है कि अगर आप खेलने के लिए मानसिक रूप से ठीक महसूस नहीं कर रहे हैं तो आपको इस बारे में कोई फैसला करना चाहिए.