न्यूजीलैंड के विरुद्ध सुपर ओवर के अंतिम दो गेंदों पर दो छक्के लगाकर भारतीय टीम को जीत दिलाने वाले ओपनर बल्लेबाज रोहित शर्मा ने जावेद मियांदाद की याद दिला दी. 1986 में शारजाह में खेले गए मैच में जावेद मियांदाद ने अंतिम गेंद पर छक्का लगाकर पाकिस्तान को जीत दिलाई थी. बस फर्क इतना है कि मियांदाद ने 2 गेंदों पर 10 रन बनाए थे. जबकि रोहित शर्मा ने 2 गेंदों में 12 रन बनाए.


रोहित का प्रदर्शन मियांदाद से बेहतर कहा जा सकता है, क्योंकि वह ओपनर बल्लेबाज है और उन्होंने महज तीन बार ही T-20 में 20वें ओवर तक बल्लेबाजी की है. वह नई गेंद से खेलते हैं. बता दें कि कप्तान कोहली ने सुपर ओवर में गेंदबाजी की जिम्मेदारी जसप्रीत बुमराह को सौंपी. जसप्रीत बुमराह ने सुपर ओवर में 17 रन लुटा दिए. रोहित शर्मा ने अगर सुपर ओवर में अच्छी पारी ना खेली होती तो शायद भारतीय टीम की हार तय थी.


विराट कोहली के लिए बुमराह से सुपर ओवर करवाने का फैसला बहुत ही मुश्किल था, क्योंकि मोहम्मद शमी ने अंतिम ओवर में 4 गेंदों पर 2 रनों का बचाव किया था. शमी बहुत ही जबरदस्त लय में नजर आ रहे थे. उन्होंने अंतिम ओवर में केन विलियमसन और रॉस टेलर का विकेट लिया, जो बहुत बड़ी बात थी. लेकिन फिर भी अंतिम ओवर में विराट कोहली ने जसप्रीत बुमराह पर भरोसा जताया.


रोहित शर्मा ने मैच के बाद बताया कि सुपर ओवर में आप योजना नहीं बना सकते कि क्या करना है. आपको अपने सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी को चुनना होता है. जहां तक गेंदबाजी की बात है तो जसप्रीत बुमराह हमारे सबसे अहम खिलाड़ियों में से एक हैं. कोई विकल्प नहीं था. लेकिन थोड़ा असमंजस था कि सुपर ओवर में मोहम्मद शमी को भेजा जाए या फिर रविंद्र जडेजा को. लेकिन अंत में आपको किसी ऐसे खिलाड़ी के साथ जाना होता है, जो नियमित रूप से यॉर्कर और धीमी गति की गेंद डाल सकता हो.