भारत के महान दिग्गज बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने युवाओं को नसीहत दी है कि उन्हें शॉर्टकट लेने और धोखा देने से बचना चाहिए. उन्होंने अपना उदाहरण देते हुए युवाओं को प्रेरित किया कि अगर वे दुनिया के सामने अपनी कमजोरी नहीं लाना चाहते तो शॉर्टकट लेने और धोखा देने से बचें.


सचिन ने कहा- मैंने अपनी जिंदगी में कई चीजें देखी है. मुझे बस यही बात याद आती है कि अनुशासन, एकाग्रता, ध्यान और योजना के बारे में बात करना. लेकिन इन सबसे ऊपर मुझे लगता है कि कई ऐसे मौके आए जब मैं अपनी उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा. मैं असफल हुआ. लेकिन इन सब चीजों ने मुझे बिना किसी शॉर्टकट के फिर से अपने पैरों पर खड़ा होना सिखाया.


जब आपके रास्ते में कड़ी चुनौतियां आती है और आप उनका ईमानदारी से सामना करते हो, तभी आप दुनिया के सामने मजबूती से खड़े हो सकते हो. सचिन तेंदुलकर ने छात्रों को सलाह देते हुए कहा- मैं बस इतना कहना चाहूंगा कि दोनों चीजों पर ध्यान देना जरूरी है. खेल और पढ़ाई के बीच सामंजस्य बैठाना बहुत जरूरी है. जब आप मैदान पर हो तो खेल पर ध्यान दें और जब पढ़ाई कर रहे हो तो हमेशा उसी के बारे में सोचें.


मैं अभिभावकों से यह कहना चाहता हूं कि बच्चों के ऊपर पढ़ाई या खेल को लेकर बहुत ज्यादा दबाव ना डालें. बता दें कि सचिन तेंदुलकर चार दिवसीय टेस्ट के विरोध में हैं. उन्होंने कहा कि टेस्ट क्रिकेट में इस तरह का बदलाव नहीं होना चाहिए. सचिन तेंदुलकर के अलावा भारतीय कप्तान विराट कोहली और श्रीलंका के खिलाड़ी महेला जयवर्धने भी पांच दिवसीय टेस्ट क्रिकेट के पक्ष में है.