पूर्व भारतीय क्रिकेटर संदीप पाटिल ने युवाओं को सलाह दी है कि वह हार्दिक पांड्या की तरह बिल्कुल भी बनने की कोशिश ना करें. नए क्रिकेटर नखरो से दूर रहें और अपने खेल पर ध्यान दें. संदीप पाटिल ने कहा कि युवा क्रिकेटरों को हार्दिक पांड्या के जैसा बनने की जगह राहुल द्रविड़-सचिन तेंदुलकर जैसे दिग्गजों के नक्शे कदम पर चलना चाहिए.


द हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक, संदीप पाटिल ने कहा- हार्दिक पांड्या बनने की इच्छा मत रखो. इसकी जगह सचिन तेंदुलकर, राहुल द्रविड़, कपिल देव के नक्शे कदम पर चलने की कोशिश करो. आपको भला ही यह अच्छा नहीं लगेगा. लेकिन आप अपने खेल पर ध्यान दो और किसी लालच में मत पड़ो.


संदीप पाटिल ने यह भी कहा कि हमारे समय से लेकर अब तक खेल में कुछ नहीं बदला है. लेकिन आजकल तो सभी तरह की क्रीम मौजूद है, जो हमारे समय में नहीं थी. आजकल हम देखते हैं कि बच्चे हारिश शील्ड में भी क्रीम लगाकर खेलते हैं. मैं बस यही कहना चाहता हूं कि नखरे करना बंद करें. संदीप पाटिल से जब चार दिवसीय टेस्ट क्रिकेट के बारे में सवाल किया गया तो उन्होंने इसका विरोध किया.


उनका कहना है कि मैं पुराने ख्यालों का आदमी हूं और मेरा मानना है कि 5 दिन के टेस्ट क्रिकेट में पहला दिन मीडियम पेसर का रहता है. टेस्ट में क्रिकेटर की असली परीक्षा होती है. बता दें कि आईसीसी ने चार दिवसीय टेस्ट मैच कराने का प्रस्ताव रखा है जिस पर कुछ दिग्गजों ने आईसीसी का समर्थन किया है, तो वहीं कई क्रिकेटर इसके विरोध में है. भारतीय कप्तान विराट कोहली ने भी चार दिवसीय टेस्ट क्रिकेट के प्रस्ताव पर विरोध जताया.