भारत और न्यूजीलैंड के बीच टी-20 सीरीज में भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 4-0 से बढ़त हासिल कर ली है. सीरीज के तीसरे और चौथे मुकाबले का नतीजा सुपर ओवर में निकला. इन दोनों मैचों में दोनों टीमों ने बराबर बराबर रन बनाए, जिसकी वजह से सुपर ओवर खेला गया और दोनों ही मैचों में सुपर ओवर में भारतीय टीम ने बाजी मार ली. बता दें कि चौथे मैच के बाद युज़वेंद्र चहल ने चहल टीवी पर मोहम्मद शमी और शार्दुल ठाकुर का इंटरव्यू लिया, जिसमें उन्होंने अंतिम ओवर में सफल गेंदबाजी का राज बताए.


चहल ने सबसे पहले मोहम्मद शमी से बात की और पूछा कि हैमिल्टन में अंतिम ओवर की पहली गेंद पर छक्का लगा. इसके बाद 5 रन बचाने थे तो आपके दिमाग में क्या चल रहा था. मोहम्मद शमी ने बताया- उस समय मेरे दिमाग में कुछ नहीं चल रहा था. ओवर से पहले अच्छी यॉर्कर फेंकने की योजना बनाई थी. कोशिश की लेकिन गेंद हाथ से छूट गई. उसके बाद मेरे पास खोने के लिए कुछ नहीं था.


मैंने सोचा आगे की गेंद पर रन लग गए हैं तो क्यों ना बाउंसर फेंकी जाए. इसके बाद जैसे ही विलियमसन आउट हो गए तो लगा कि हां अब छोटी गेंद फेंकना ही सही रहेगा. दो गेंद खाली गई, इसके बाद आखिरी गेंद पर एक ही विकल्प था उसे विकेट पर फेंकना, क्योंकि वो वैसे ही एक रन ले लेते.


शार्दुल को मिली प्रेरणा 

शार्दुल से पूछा गया- जब आपने ओवर के बीच में नकल गेंद की और और आखिरी ओवर में दिमाग में कितना दबाव था? इस पर शार्दुल ठाकुर ने जवाब दिया- दबाव तो था लेकिन मैं पहली गेंद पर ही विकेट लेना चाहता था, क्योंकि बल्लेबाज पहली ही गेंद पर छक्का या चौका मारकर मैच को खत्म करने की सोचता है. दूसरी गेंद पर जब चौका लगा तो मैंने सोचा कि ऐसे मौकों पर ऐसा होता रहता है और उसके बाद भी उम्मीद नहीं हारनी है. मैंने देखा था कि कैसे शमी ने पहली गेंद पर छक्का लगने के बाद तीन रन बचाए और मैंने सोचा कि ऐसा यहां भी हो सकता है.